कैसे बनें एक अच्छे वक्ता?
पर्सनालिटी (PERSONALITY)

कैसे बनें एक अच्छे वक्ता?

Kaise bane ek achha vakta?

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एक कॉमन इंसान भी भीड़ से अलग नजर आ सकता है, अगर वह एक अच्छा वक्ता हो। ग्रुप सेमिनार, किसी मीटिंग, प्रेस कॉन्फ्रेंसिंग या स्टेज पर जाने के नाम से आप डरते हैं या जब आप सामने वाले को अपनी बातें कह रहे होते हैं तो कोई आपकी बातें सुनता नहीं है, तो यह आर्टिकल आपकी मदद कर सकता है। इसमें हमने बताए हैं कुछ आसान टिप्स, जिनकी हेल्प से आप बन सकते हैं एक बेहतरीन वक्ता -

तैयारी हो खास -

आप जिस विषय पर, जगह और जिस समूह के सामने स्पीच देने वाले हैं, उसके अनुसार तैयारी पूरी कर लें। एक बेहतरीन कंटेंट तैयार करें। शीशे के सामने उसकी रिहर्सल करें। हो सके तो स्पीच की रिकॉर्डिंग कर के सुनें और गलितयों को सुधारें। याद रखें आप चाहे कितना अच्छा बोलना क्यों न जानते हों, अगर आपका कंटेंट अच्छा नहीं है तो बात नहीं जमेगी।

ये माने कि आपको सफल होकर आना है -

सफलता का सबसे बड़ा फॉर्मूला यही है कि कभी भी हार न माने। आप हमेशा खुद से ये कहें कि यकीनन, आप इसे कर सकते हैं, आपके अंदर वो क्वालिटी है। इसलिए खुद पर यकीन करते हुए पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने कंटेंट को प्रेजेंट करें, यकीनन आप सबका दिल जीत लेंगे।

आई-कॉन्टेक्ट बनाए रखें -

एक अच्छा स्पीकर हमेशा आई कॉन्टेक्ट रखता है। ऐसा करने से उसके आत्म-विश्वास का पता चलता है। आप भी इस बात का पूरा ध्यान रखें कि आप श्रोताओं को देखें और यह भी ध्यान दें कि आप बारी-बारी पूरे ग्रुप से नजर मिला रहे हैं।

रूचि की बात करें -

यदि आप एक सफल वक्ता बनना चाहते हैं, तो श्रोता की पसंद का हमेशा ध्यान रखें। उनकी जिंदगी से जुड़ी बातें, छोटी-छोटी खुशियों के पल, जब आपके भाषण के बीच में आते हैं तो श्रोता आपसे जल्दी कनेक्ट होते हैं।

गलती हो जाने पर घबराएं नहीं -

बातचीत के बीच में कुछ गलत उच्चारण कर देना या अटक जाना कोई गलत बात नहीं है, बशर्ते आप इस सिचुएशन को हैंडल कर लें। सभी जानते हैं कि भीड़ में बोलना इतना आसान नहीं होता ऐसे में छोटी-मोटी गलतियां होना स्वाभाविक है और इसके लिए घबराने की जरूरत नहीं है।

हमेशा उत्साहित रहें -

आपको जिस टॉपिक पर प्रेजेंटेशन या स्पीच देना है उस विषय पर हमेशा खुद को सकारात्मक रखें। आपका पूरा उत्साह आपकी बातों और बॉडी लैंग्वेज से झलकना चाहिए। आपका आत्मविश्वास और उत्साह आपको सफल बनाएगा।

वक्त के अंदर बात पूरी करें -

कई बार लोग शुरुआत तो अच्छी करते हैं पर अपनी बात को इतना खींचते चले जाते हैं कि लोग बोर हो जाते हैं। कोशिश करें कम शब्दों में ही अपनी बात खत्म करने की।

श्रोताओं से जुड़ें -

एक अच्छा वक्ता वो ही है जो श्रोताओं से जुड़ता है। पुरानी चीजों से कनेक्ट करने की कोशिश करें। यह अच्छा तरीका है श्रोताओं से जुड़ने का।

अंत भला तो सब भला -

चाहे कोई प्रेजेंटेशन हो या भाषण, उसका अंतड प्रभावशाली होना चाहिए। स्पीच को पॉजिटिव एंड पर खत्म करें, जिससे लोग आपको लम्बे समय तक याद रखें।