कैसा हो सास-ससुर से रिश्ता (Kaise ho saas-sasur se rishta)


शादी एक ऐसा रिश्ता होता है जिसमें कई नए लोग अचानक ही आपकी जिंदगी के साथ जुड़ जाते हैं। सबसे अहम भूमिका सास-ससुर की होतीहै जो कि माता-पिता की जगह लेते हैं। जिंदगी के इस पड़ाव पर आकर नए माता-पिता को समझना थोड़ा मुश्किल सा लगता है लेकिन अपनी शादीशुदा जिंदगी को संवारने और उसमें दरार पैदा होने से बचाने के लिए ऐसा करना जरूरी होता है।

शादीशुदा जिंदगी को कामयाब बनाने के लिए यह बहुत जरूरी है कि पति-पत्नी मिलकर फैसले लें। दोनों एक दूसरे को समझें और शादी के बाद बनने वाले हर नए रिश्ते को लेकर धैर्य के साथ सोचविचार करें। शादी के बाद एक पत्नी अपने माता-पिता को छोड़कर अपने पति के घर आती है

 ऐसे में उसकी जिंदगी में सास-ससुर बहुत अहमियत रखते हैं। भले ही उनका किया काम आपको पसंद न आए या फिर आपका किया कोई काम उन्हें पसंद न आए लेकिन आपस में सबको मिलकर रहना ही पड़ता है।

अगर आपकी अपने सास-ससुर के साथ न बन रही हो और उस मामले में आपकी और आपके साथी की राय अलग-अलग हो, तो आप दोनों को मिलकर इस समस्या का समाधान करना चाहिए। कुछ इस तरह से आप अपनी इस समस्या का हल बेस्ट टिप्स से निकाल सकते हैं-

 

1. इस बारे में अपनी पत्नी से खुलकर बात कीजिए। उसे अपने माता-पिता के बारे मेंहर छोटी-बड़ी बात बताइए ताकि वह सबकुछ जान सके। उसे समझाएं कि जिद्द पर अड़ने से समस्या का समाधान नहीं होगा। सभी बातों को समझने की जरूरत होगी।


2. आप उसे संयुक्त परिवार की अहमियत समझाएं। उसे बताएं कि आपके माता-पिता इस नए रिश्ते में कितने जरूरी हैं। उसे आराम से समझाएं कि अगर आपको कोई भी समस्या होगी तो ये परिवार हमेशा आपके साथ खड़ा रहेगा।


3. आपकी हर परेशानी में आपके माता-पिता आपका साथ देंगे। पत्नी को समझाएं कि जब आपके बच्चे होंगे तो घर में बुजुर्ग होने का असर बच्चों पर भी दिखाई देगा। साथ ही पत्नी को भी थोड़ा आराम मिल सकेगा। घर में काम भी बंट जाएगा।


4. पत्नी को यह समझाना बहुत जरूरी है कि आपके माता-पिता उसका सहारा बनेंगे। हर मुश्किल में उसका साथ देंगे और ऐसा होने से उनकी शादीशुदा जिंदगी भी अच्छी चलेगी।

 


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