न पहनें प्लास्टिक चप्पल, हो सकता है नुकसान (Na pehne plastic chappal, ho sakta hai nuksan)


मॉनसून में पैरों को गीला होने से बचाने के लिए लोग प्लास्टिक के जूते या फुटवेअर पहनना पसंद करते हैं। बाज में इस तरह के कई जूते मौजूद होते है। इसमें फ्लैट स्टाइल से लेकर हील्स तक में अलग-अलग लुक के फुटवेअर आसानी से मिलते हैं। बारिश के लिए यह भले ही ये अच्छे हों लेकिन हेल्थ के लिए यह खतरा साबित हो सकते हैं।

प्लास्टिक के जूते या फुटवेयर से पैरों में इंफेक्शन हो सकता है। दरअसल बिना मोजों के जूते पहनने पर पैरों में बैक्टीरिया को बढ़ने का मौका मिल जाता है। प्लास्टिक के जूतों में ये और भी ज्यादा बढ़ जाता हैक्योंकि इस तरह के जूतों में मॉइस्चर सूखता नहीं है और पैर गीले ही बने रहते हैं।

इससे फंगल इंफेक्शन फैलने का डर रहता है। अगर किसी को प्लास्टिक से एलर्जी है तो समस्या और भी गंभीर रूप भी ले सकती है। आइए आपको बताते हैं प्लास्टिक के फुटवेयर से होने वाली परेशानी-

 

1. लचीलापन नहीं -

प्लास्टिक फुटवेअर की एक बड़ी कमी यह है कि प्लास्टिक लचीला नहीं होता है। काफी देर तक इसे पहने रहने से पैर सूज जाते हैं। दूसरे शूज के मटीरियल पैर के साइज के मुताबिक अजस्ट कर लेते हैं लेकिन प्लास्टिक में यह गुण नहीं है।

2. पैरों में दर्द की समस्या -

प्लास्टिक के फुटवेअर में अगर सोल भी प्लास्टिक का है तो उसमें शॉक अब्जॉर्बशन क्वॉलिटी नहीं होगी। ऐसा नहीं होने पर चलने के दौरान पैरों को सीधे तौर पर झटका लग सकता हैजिससे हड्डियों से संबंधित समस्या और दर्द की परेशानी हो सकती है।

3. पैरों में बदबू की समस्या -

ज्यादा देर तक प्लास्टिक के फुटवेअर पहनने पर पैरों में बदबू की समस्या भी हो सकती है। प्लास्टिक में किसी भी तरह से हवा नहीं जाती जिस वजह से पसीना सूख नहीं पाता और पैरों से बदबू आने लगती है।


क्या ये लेख आपके लिए उपयोगी है?

हां नहीं  

सम्बंधित लेख