तनाव दूर करने के लिए लिखें मन की बातें (Tanav door karne ke liye likhe man ki bate)


अब से आज से आपको कभी भी तनाव हो तो किसी व्यक्ति को ढूंढने की बजाए एक पन्ने और पेन को अपना साथी मानें। अब आप सोच रहे होंगे ऐसे कैसे। एक शोध में कहा गया है कि अगर आप मन की बात एक कागज़ पर लिखें तो झट से आपका स्ट्रेस दूर हो सकता है, आइये आपको इस लेख में आगे बताते हैं –



1. डायरी पर अपने मन बातें लिखें -

आपका मन काफी चीज़ों से जुड़ा हुआ है फिर वो चाहे सपनों से हो, आकांक्षाओं, उम्मीदों और विचारों से हो इनके इर्द गिर्द आपके मन में चीज़ें चलती रहती हैं।

तो ऐसे में मन के विचारों को हल्का करना बेहद ज़रूरी है। अगर आप आपके मन की बातें ऐसी हैं जिसे आप एक व्यक्ति के साथ शेयर नहीं कर सकते तो इसे आप एक डायरी पर लिखकर शेयर करें। शब्दों में अपनी बातों को ब्यान करके आप देख सकते हैं कि मैं क्या सही कर रही हूं और क्या गलत कर रही हूं।

यकीन मानिये डायरी इंसानों की तरह आपको जज नहीं करेगी सिर्फ आप ही अपनी बातों को लिखकर खुद को जज कर सकते हैं।

2. मन की बात लिखने हल्का महसूस होता है -

कोई भी बात जैसे आपका पति के साथ में झगड़ा हो गया हो, सास ससुर के साथ झगड़ा हो गया हो, ऑफिस में किसी भी तरह की समस्या हो आदि बातों को कागज़ पर लिखने से आपका मन आपका मन हल्का हो जाता है। गुस्सा उतारने के लिए आप उस इंसान के साथ बहस करके अपना वक़्त ज़ाया न करें।

लिखकर अपने मन की बातों को ब्यान करके फिर किसी भी तरह का फैसला लें।

3. मन की बात लिखने से सेहत बनी रहती है -

किसी के लिए गुस्सा, घृणा आदि भाव लम्बे समय तक रखने से आपको तनाव, अवसाद आदि की समस्या हो सकती है। इन भावों को आप दूसरों के सामने भी नहीं रख सकते। तो इन भावों को लिखने से तनाव दूर हो जाता है और मन भी शांत रहता है, इस तरह आपकी सेहत भी बनी रहती है।


क्या ये लेख आपके लिए उपयोगी है?

हां नहीं  

सम्बंधित लेख